जीना सीख ले

तू रोना नहीं
हँसना सीख ले
ज़िन्दगी आसान तो नहीं
तू जीना सीख ले

हारा नहीं इन्सां अब तक
तू सहना सीख ले
मुश्किलें तो आयेंगी
तू लड़ना सीख ले

तुम अकेले तो नहीं
नजर उठा के देख ले
हर शख्स यहाँ घायल हैं
तू करीब जा के देख ले

मुश्किलों को पसीने आयेंगे
अगर तू मुस्कुराना सीख ले
और आँसुओ को कफन कर
आँखों में दफन करना सीख ले

2 comments:

Ankit said...

class.................
simply I LOVE IT..........

neh said...

this is really showing the positive attitude this poem can inspire and motivate anyone
and wt u hv written for difficulties that is wonderful the last line
may i can develop myself like that...........
u r fabulous

Post a Comment